लाइब्रेरी में लड़कियों के प्रवेश से अनुशासन बिगड़ने का खतराः वीसी एएमयू


अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में छात्राओं को आने की अनुमति नहीं है. लड़कियों के पुस्तकालय में पढ़ने पर रोक के पीछे जो कारण वीसी ने बताया वह हैरान करने वाला है वीसी जमीर उद्दीन शाह ने कहा, पुस्तकालय काफी छोटा है और वहां पहले ही लड़कों की भीड़ बहुत होती है. अगर लड़कियों को भी वहां पढ़ने की इजाजत दे दी गयी, तो लड़को की संख्या और बढ़ जायेगी. इससे अनुशासन भी बिगड़ने का खतरा है.

हालांकि इसके बाद अपने बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, मामला स्थान का है हमारे पास जगह बहुत कम है और विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है. इसलिए हमें यह कदम उठाना पड़ रहा है. महिला कॉलेज की छात्राएं कब से लाइब्रेरी में प्रवेश की मांग कर रही है लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही. महिला कॉलेज की प्रिंसिपल नइमा गुलरेज ने भी वीसी के हां में हां मिलाया और इस बात पर जोर दिया की जगह की कमी है.
उन्हेंने कहा, ‘हम लाइब्रेरी में प्रवेश की अनुमति की आपकी मांग को अच्छी तरह समझते हैं अगर लड़कियां वहां जाने लगीं तो अनुशासन खत्म हो सकता है. लाइब्रेरियन अमजद अली का कहना है कि जब भी महिला कॉलेज में पुस्तकों की जरूरत होती है तो हम उन्हें देते हैं लेकिन यहां बैठने की जगह कम है.
1906 में विमिंज कॉलेज की स्थापना के दशकों बाद मौलाना आजाद लाइब्रेरी की स्थापना हुई थी. लेकिन अबतक  तब छात्राओं को मौलाना आजाद लाइब्रेरी की सदस्यता नहीं दी गई.इस लाइब्रेरी में 1,300 छात्र बैठकर पढ़ सकते हैं जबकि 12 सीटें यूनिवर्सिटी की छात्राओं के लिए आरक्षित हैं.महिला कॉलेज स्टूडेंट यूनियन की प्रेजीडेंट गुलफिजा खान ने पुस्तकालय में  छात्राओं को   जगह ना मिलने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा हम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं.
Advertisements
%d bloggers like this: