मोदी सेना के 21 नए मंत्रियों में 8 पर आपराधिक मामले!


जब से नरेंद्र मोदी ने पीएम की कुर्सी संभाली है तब से ही उन्होंने कहा है कि उनी सरकार में दागी और भ्रष्ट लोगों की जरूरत नहीं है लेकिन उनके कैबिनेट में रविवार को शामिल होने वाले 21 नए मंत्रियों में आठ पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे मोदी की कथनी और करनी में फर्क साबित होता है।

जिन 8 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनके अपराधों में हत्या के प्रयास जैसे मामले भी शामिल हैं। इस बात की जानकारी चुनाव सुधार के लिए काम करने वाले एक एनजीओ ने दी। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मोदी सरकार में आपराधिक मामलों में आरोपी कुल मंत्रियों की संख्या 20 (31 फीसदी) है।

मोदी सेना के 21 नए मंत्रियों में 8 पर आपराधिक मामले!

विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री समेत 66 मंत्रियों में से 64 के हलफनामों का विश्लेषण किया जा चुका है जबकि सुरेश प्रभु और बीरेंद्र सिंह की छानबीन नहीं की जा सकी है क्योंकि वह अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

विज्ञप्ति के मुताबिक, “कुल 11 (17 फीसदी) मंत्रियों पर संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और चुनावी उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं।”

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विज्ञप्ति में साथ ही कहा गया, “आगरा संसदीय क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले रामशंकर कठेरिया पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है। साथ ही बाकी मंत्रियों में झांसी से सांसद उमा भारती पर भी हत्या के प्रयास (भारतीय दंड संहिता की धारा 307) का मामला चल रहा है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि हाल ही में सरकार में शामिल हुए मंत्रियों में आंध्र प्रदेश से तेलुगू देशम पार्टी से राज्यसभा सांसद वाई. एस. चौधरी के पास सबसे अधिक 189.69 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसके बाद हजारीबाग से सांसद जयंत सिन्हा (भाजपा) के पास 55.67 करोड़ की संपत्ति है और गौतमबुद्ध नगर से सांसद महेश शर्मा (भाजपा) के पास 47.43 करोड़ की संपत्ति है।

ना मैं खाता हूं और ना ही किसी को खाने दूंगा

मोदी ने पीएम बनने के बाद कहा था कि वो देश की जनता से किये गये सारे वादों को निभायेंगे और ना मैं खाता हूं और ना ही किसी को खाने दूंगा और तो और मैं देश की जनता को नीट एंड क्लीन और भय मुक्त सरकार दूंगा। फिलहाल अपने पांच महीने के कार्यकाल में मोदी ने अपनी बातों को सिद्ध करने की कोशिश भी की है और फौरी तौर पर जनता उनसे खुश भी नजर आ रही है लेकिन अब सवाल यह उठता है कि अगर मोदी और उनकी कैबिनेट इतना ठोक-बजा कर आगे चलती है तो फिर उनके कैबिनेट पर अपराधिक मामलों वाले लोगों को जगह क्यों मिली है?

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