नसबंदी के दौरान हुई मौतों पर पीएम सख्‍त, सीएम ने भी दी सफाई


छत्तीसगढ़ के गांव पेंडारी स्थित अस्पताल में लगे सरकारी नसबंदी शिविर में बरती गई लापरवाही से दस महिलाओं की मौत हो गई है जबकि 32 से अधिक गंभीर रूप से बीमार हो गईं। इन महिलाओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरी घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा अफसोस जताया है। उन्होंने इस बाबत अधिकारियों से बात भी कही है। उनका कहना है कि इस मामले के दोषियों को किसी सूरत से बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री विदेश यात्रा आज म्यांनमार पहुंचे हैं। वह वहां से ही इस पूरी खबर पर नजर बनाए हुए हैं।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री रमन सिंह ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच का आदेश दिया है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि बीमार महिलाओं के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत चार चकित्सा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

खबर के अनुसार, परिवार नियोजन कल्याण का लक्ष्य पूरा करने के लिए जिला अस्पताल के सर्जन ने अपने पेंडारी में सहयोगी के साथ मिलकर छह घंटे के भीतर 83 महिलाओं की नसबंदी कर दी।शिविर का आयोजन बीते शनिवार को नेमीचंद जैन कैंसर हॉस्पिटल में किया गया था। लेप्रोस्कोप सर्जन डॉ. आरके गुप्ता व उनका एक प्रशिक्षु शिविर में ऑपरेशन के लिए पहुंचे थे।

सुबह 10 बजे से ही 40 गांवों की 83 महिलाओं को ऑपरेशन के लिए बुला लिया गया था। ऑपरेशन के दो घंटे बाद सभी महिलाओं को दवाएं देकर लौटा दिया गया। कुछ देर बाद अचानक महिलाओं को उल्टी, बुखार व दर्द की शिकायत हुई। कई महिलाएं गांव के ही चिकित्सक के पास उपचार के लिए पहुंचीं, लेकिन उल्टी थमने का नाम ही नहीं ले रही थी। इलाज के दौरान अब तक दस महिलाओं की मौत हो चुकी है जबकि गंभीर रूप से बीमार महिलाओं का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। मौत खबर लगते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

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