नरेंद्र मोदी डरपोक प्रधानमंत्री हैं : मुलायम


बीते लोकसभा चुनाव में 56 इंच के सीने से शुरू हुई नरेन्द्र मोदी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बीच तकरार सांड़ और शेर तक जा पहुंची थी. परन्तु चुनाव नतीजों के बाद नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण में सपा मुखिया का पहुंचना एक सकारात्मक सियासी संकेत था. सपा प्रमुख के इस सियासी शिष्टाचार से दोनों के बीच तल्खी घटने की शुरूआत बताया गया पर मंगलवार को सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री पर फिर तीखा हमला बोल दिया. मुलायम सिंह ने नरेन्द्र मोदी को डरपोक प्रधानमंत्री कह दिया.
मुलायम सिंह के अनुसार नरेन्द्र मोदी के डरपोक होने के कारण ही चीन तथा पाकिस्तान अब भारत की तरफ देखने की हिम्मत कर रहे  हैं. देश की सीमाओं की सुरक्षा नही हो रही है. केंद्र  सरकार डरपोक है. चीन और पाकिस्तान के इरादों का भरोसा नहीं किया जा सकता. इन दोनों से मुकाबला करने को सेना का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है. यहां यूपी प्रेस क्लब में सोशल मीडिया पर आयोजित संगोष्ठी में मुलायम सिंह ने यह बात कही.
मुलायम कहते हैं कि चीन एक धोखेबाज देश है. चीन के कारण ही आज भी हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं. चीन की सेना आए दिन हमारे इलाके में घुसपैठ करती है. कमजोर मनोबल से सेना चीन से मुकाबला नहीं कर सकती. मोदी सरकार को सेना का मनोबल बढ़ाना चाहिए. इस समय सेना का मनोबल बढ़ाने और सेना को मिल रही सुविधा में सुधार करने की जरूरत है. मुलायम ने कहा कि जब वह देश के रक्षा मंत्री थे तो पाकिस्तान और चीन ने कभी देश की तरफ आख उठाकर देखने की हिमाकत नहीं की और न ही हमारी सीमा में घुसने की कोशिश ही की.
मुलायम ने पूर्व सेनाध्यक्ष वी.के सिंह पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सेना के वो अधिकारी जो अब खुद ही मंत्री बन गए हैं उन्ही के कहने पर हमने सीमा पर सड़क बनवाई थी. अब वो भी सेना की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं. अपने संबोधन के दौरान मुलायम सिंह ने चुनावों के दौरान नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए वायदों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को देश में महंगाई के साथ ही भ्रष्टाचार रोकने का प्रयास करना होगा. अभी मोदी सरकार इस दिशा में एक प्रतिशत भी आगे नहीं बढ़ सकी है, जबकि सरकार बनने से पहले लंबी-चौड़ी बातें की जा रही थीं. बड़े-बड़े वादे करने वाले लोग सरकार तो बनाने में सफल हो गए. लेकिन उनमें से एक भी वादा पूरा होता नहीं दिख रहा है. मुलायम ने बीते लोकसभा चुनावों में सोशल मीडिया की भूमिका को बेहतर मना. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनो हैं. अब इस मीडिया की उपेक्षा नहीं की जा सकती है और सोशल मीडिया की उपेक्षा से कोई भी राजनीतिक दल कामयाब नहीं हो सकता है. मुलायम का कहना है कि मीडिया की आलोचना से काम नहीं चलेगा.
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