जाति प्रमाण पत्र पर रोक की मांग


पूर्व विधायक दीपलाल भारती ने कहा कि गैर अनुसूचित जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने से वास्तविक लाभार्थी सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। इसे तत्काल रोकना जरूरी है।

ये सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि गैर अनुसूचित जाति वर्ग का लाभ ले रहे वास्तविक पिछड़ी जाति के कहार, गोंड, कमकर तथा तुरहा समेत 14 जातियों के लोग दोहरा लाभ ले रहे हैं। इसे तत्काल रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने का समय आ गया है।

जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद ने विभिन्न शासनादेश के हवाले का जिक्र किया तथा कहा कि पडरौना व कसया तहसील में सैकड़ों लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है।

हरिकिशुन भारती ने कहा पिछड़ी जाति के अधीन इन लोगों में अधिकांश का पूर्व में जारी प्रमाण पत्र निरस्त भी हुआ है। ऐसे लोग किसी भी चुनाव में अनुसूचित जाति वर्ग के तहत लाभ पाने के लिए नामांकन करें तो इसे निरस्त कर देना चाहिए।

महामंत्री डा. राजकुमार ने कहा कि कमकर जाति अनुसूचित, अनुसूचित जन जाति व पिछड़ा वर्ग में किसी भी श्रेणी में नहीं आता, लेकिन अनुसूचित जाति का लाभ लेकर जिले के विभिन्न पदों पर लोग आसीन हैं। कहा रामकोला नगर पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा, लेकिन जुगाड़ के दम पर पिछड़ी की बजाय अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया गया इस मामले में रामकोला थाना में मुकदमा भी दर्ज है, लेकिन कोई कार्रवाई अब तक न हुई।

कार्यक्रम की समाप्ति के मुख्यमंत्री को संबोधित इस आशय का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।

इस दौरान डा. रवींद्र प्रसाद, राकेश, अजय, रामलाल, रामप्रीत, हरीलाल, रामवृक्ष, अयोध्या, संत भारती, सत्तन, महंथी, हरेंद्र मौजूद रहे।

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